Meri mummy ki shaadi-10
Dosto fir raat ko mujhe neend aa gayi aur maine s…
मेरी मंगेतर-2
प्रेषक : कर्ण कुमार कुछ दिन बाद मेरा जन्मदिन था। कोम…
तुम मुझे मरवा दोगे !
दोस्तो, मैं संजू आप के लिए लेकर आया हूँ अपनी ज़िन्दग…
थोड़ा सा प्यार-1
कामिनी सक्सेना जमशेदपुर की स्वर्णलता लिखती है कि अन्त…
मैं भी जिगोलो बन गया
मैं अंतर्वासना का नियमित पाठक हूं और लगभग सभी कहान…
तीन पत्ती गुलाब-20
आज पूरे दिन बार-बार गौरी का ही ख़याल आता रहा। एकबा…
मेरी साली मीना
प्रेषक : समीर शेर मेरी और मेरी बीवी की उम्र में का…
Drishyam, ek chudai ki kahani-11
हेल्लो दोस्तों, अब आगे की कहानी पढ़िए! कालिया सिम्मी …
बेताबी
प्रेषिका : परी मेरा नाम रेशमा है। मैं इस्लामाबाद पा…
Drishyam, ek chudai ki kahani-8
हेल्लो दोस्तों, अब आगे की कहानी पढ़िए! इधर अर्जुन को …