जवानी चार दिनों की-3

लेखक : राज कार्तिक चौकीदार के जाते ही मैंने दरवाजा…

जवानी का ‘ज़हरीला’ जोश-7

अभी तक आपने पढ़ा कि गगन से मेरी लड़ाई हो गई थी और म…

दो बहनों की बुर चुदाई

मेरा नाम विश्राम है, मैं एक छोटे से गाँव का रहने व…

जवानी का ‘ज़हरीला’ जोश-6

अभी तक आपने पढ़ा कि पीआर पर सौरव से हुई लड़ाई के बा…

चांदनी रात की ज्योति

प्रेषक : राहुल सिंह अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेर…

जवानी का ‘ज़हरीला’ जोश-8

अभी तक आपने पढ़ा कि मैं गगन के घर पर गया तो वो डॉक्…

जवानी का ‘ज़हरीला’ जोश-5

अभी तक आपने पढ़ा कि मेरे नए ऑफिस की दोस्त नेहा मेरे…

भैया जी अब मेरे सैंया जी

प्रेषिका : पायल गुप्ता अन्तर्वासना के सभी पाठकों को प…

सन्ता-बन्ता-जीतो-डॉक्टर

एक बार सन्ता को एक नई चमचमाती कार में बैठा देख बन्त…

चाची की बुर और गाण्ड

हैलो दोस्तो, मेरा नाम किशोर है, मैं राँची से हूँ। …