वासना की न खत्म होती आग -6

अब तक आपने पढ़ा.. मैं समझ गई कि मेरी कोशिश बेकार ग…

बेवफ़ा शौहर दगाबाज सहेली-2

मैंने एक बार सोचा कि क्यों ना इससे अपनी प्यास बुझा …

कॉरपोरेट कल्चर की चुदाईयाँ -1

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को वंशिका का प्यार भरा नमस्…

जिस्मानी रिश्तों की चाह -1

सम्पादक जूजा दोस्तो, यह कहानी पाकिस्तान के एक लड़के स…

भाभी ने चोदना सिखाया मुझे

मुझे पड़ोस की एक भाभी ने चोदना सिखाया. जी हाँ … एक…

जिस्मानी रिश्तों की चाह -6

सम्पादक जूजा अब तक आपने पढ़ा.. उसने एक ही झटके में …

चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-13

नीलेश- भाई तू तो मानता है न कि मैं सही बोल रहा हू…

पड़ोसन मुझसे चुदना चाहती है

मेरा नाम अनिल है, मैं विवाहित हूँ, मेरी पत्नी का न…

जिन्दगी के दो हसीन तोहफे-1

कैसे हो दोस्तो, मैं आपका दोस्त राज एक बार फिर से आप…

जवानी में चूत-लण्ड का खेल

दोस्तो.. मैं अन्तर्वासना का रेग्युलर पाठक हूँ, मैं अह…