आशा की चुदास
प्रेषक : नितिन राज दोस्तो, अन्तर्वासना पर यह मेरी पहल…
बदले की आग-8
कुसुम रोते हुए बोली- मुन्नी मेरी अच्छी सहेली है। कल…
रोनी का राज-3
एक रोज रवि ने कहा- चल यार, तेरी शादी पक्की हो गई, …
कोमल का डिल्डो
लेखिका : नेहा वर्मा आज मेरे पास कोई काम नहीं था. म…
मस्ती कोठे की
बात उन दिनों की है जब मुंबई में दंगे चल रहे थे। प…
जल्दी कुछ करो
हाय दोस्तो! सभी पाठको को रश्मि का नमस्कार! तीन महीने…
तू तो कुछ कर-2
प्रेषक : राजा गर्ग प्रिय पाठको, मैंने अपनी पहली कहान…
सन्ता बन्ता सलमा
सन्ता और बन्ता दोनो वकील थे और मिल कर एक फ़र्म बना कर…
दिल की कशिश-2
कहानी का पहला भाग: दिल की कशिश-1 मेरे लेटते ही र…
गलती किसकी-7
मेरी बेटी को भाई का लंड ही चाहिए था, वो उससे प्यार…