सपनों की बारात

कोई चार साल के बाद मैं निक्की, अपने मायके दिल्ली आई…

कुंवारी भोली -2

भोंपू को कुछ हो गया था… उसने आगे खिसक कर फिर संपर्…

गर्लफ्रेंड के बिना उसकी सहेलियों संग थ्री-सम –5

अब तक आपने पढ़ा.. अब उसकी चूत में मैं तेज-तेज झटको…

गर्लफ्रेंड के बिना उसकी सहेलियों संग थ्री-सम –4

अब तक आपने पढ़ा.. प्रियंका ने मेरा लण्ड अपने मुँह मे…

गर्लफ्रेंड के बिना उसकी सहेलियों संग थ्री-सम –8

अब तक आपने पढ़ा.. प्रियंका- आह जीजू.. कमीने हरामी..…

कुंवारी भोली-4

शगन कुमार थोड़ी देर बाद भोंपू ने दोनों टांगों और प…

गर्लफ्रेंड के बिना उसकी सहेलियों संग थ्री-सम –7

अब तक आपने पढ़ा.. मैंने बिना चड्डी के सिर्फ लोअर पहन…

कुंवारी भोली -1

बात उन दिनों की है जब इस देश में टीवी नहीं होता थ…

कुंवारी भोली–9

शगन कुमार मुझे कुछ कहने की ज़रूरत नहीं थी। मैं खड़ी…

कुंवारी भोली-3

लेखक : शगन कुमार अब उसने मेरे ऊपर पड़ी हुई चादर मे…