कामदेव के तीर-1
मैं अपने ऑफिस में बैठा मेल चैक कर रहा था, इस बार …
तरक्की का सफ़र-2
करीब एक महीने बाद की बात है। मैं सुबह ऑफिस पहुँचा…
बचपन की दोस्ती
प्रेषक : रवि पुप्लू मेरे गाँव का ही लड़का था और बचपन…
कामदेव के तीर-5
मैं पलंग से उठा ही था तभी रजिया मेरे लिए चाय लेकर…
तरक्की का सफ़र-6
मैंने प्रीती से पूछा कि उसने ऐसा मेरी बहनों के साथ…
बहन का लौड़ा -32
अब तक आपने पढ़ा.. ममता- आह.. आई.. सस्स..र्र राजा एक …
काम में मज़ा आया?
प्रेषक : आलोक कुमार मैं आप सबको अपनी बात बता रहा ह…
कामदेव के तीर-2
रजिया के जाने के बाद हमने नाश्ता किया, फिर ऊपर वाल…
तरक्की का सफ़र-7
राज अग्रवाल प्रीती की कहानी सुनने के बाद मुझे सही म…
कामदेव के तीर-3
मैंने कहा- डार्लिंग, अब तो कल तक के लिए यही हूँ, थ…