तरक्की का सफ़र-1
मैंने बिस्तर पर करवट बदल कर खिड़की के बाहर झाँका तो…
बहन का लौड़ा -41
अभी तक आपने पढ़ा.. राधे ने पास पड़ी प्याली से थोड़ा घ…
बहन का लौड़ा -39
अब तक आपने पढ़ा.. ममता ने अपना काम निपटा दिया और व…
मेरी प्यासी मौसी की चुदाई यानि खाला जान की चूत की खुशबू
मौसी की चुदाई की यह कहानी मेरे एक दोस्त की है, उसी…
बहन का लौड़ा -12
अभी तक आपने पढ़ा.. राधे- जानेमन.. अब बस भी करो.. म…
कामना की कामवासना -4
मेरे खुले मुख को देख कर ससुरजी मुस्करा पड़े और उन्हो…
दोस्ती का आनन्द
प्रेषक : विनोद कुमार विनय मेरा नाम विनोद है, मैं औ…
अन्तर्मन की आग
मेरे घर कुछ दिन पहले मेरी छोटी दादी (पिताजी की चा…
बहन का लौड़ा -40
अब तक आपने पढ़ा.. मीरा- कल नहीं.. आज ही.. तुम मेरी…
बहन का लौड़ा -36
अब तक आपने पढ़ा.. रोमा वासना के भंवर में फँस गई थी…