राजा का फ़रमान-2

पिछले भाग से आगे…. राजा ने फैसला सुनाया- आज से ले…

रुचि का शिकार-2

रुचि सीधे होकर मुझसे चिपक गई और बोली- सच राजीव, इ…

चाहत का इन्तज़ार

हमारे गाँव में पवन के पिताजी की करियाने की दुकान …

श्रेया के साथ-1

मैं अन्तर्वासना डॉट कॉम का बहुत ही पुराना पाठक हूँ।…

रेलगाड़ी में मिली

Railgadi Me Mili मैं श्याम शर्मा, 24 साल, मेरा जन्म …

राजा का फ़रमान-3

राजा : मैं बेगैरत..? मैं बुज़दिल..? तो तू क्या है? …

क्यों हो गया ना ?

मेरी ये कहानी मेरी एक ई-मित्र को समर्पित है – प्रेम …

कयामत थी यारो-1

प्रेषक : विशाल अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार।…

श्रेया के साथ-2

प्रेषक : संजय कुमार कुछ देर बाद मैंने अपना एक हाथ …

कयामत थी यारो-2

प्रेषक : विशाल मैं फिर से हाज़िर हूँ आप सबके बीच मे…