फ़ार्म हाउस में मम्मी

प्रेषक : विजय पण्डित मेरे पुरखे काफ़ी सम्पत्ति छोड़ गये…

दोस्ती का उपहार-1

दोस्तो, मेरा आप सभी को लण्ड हाथ में लेकर प्यार भरा न…

दोस्ती का उपहार-2

प्रेषक : विनय पाठक दोपहर बाद जब सब खाना खाने के लि…

प्रगति का समर्पण-2

लेखक : शगन कुमार शालीन को रात को ठीक से नींद नहीं…

दोस्ती का उपहार-3

प्रेषक : विनय पाठक मैं आपको अपनी पिछली कहानी में ब…

मैं भ्रम में रह गया

मैं रामनगर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र…

मैं फिर से चुदी-1

हाय मैं मुक्ता! गत कहानी जीजू के साथ मस्त साली में …

घर में अकेली अदिति

प्रेषक : सागर सिंह मेरा नाम सागर है, उम्र 22 साल और…

मैं फिर से चुदी-2

कहानी का पिछला भाग: मैं फिर से चुदी-1 मुकेश को म…

मैं फिर से चुदी-3

कहानी के पिछले भाग: मैं फिर से चुदी-1 मैं फिर से …