एक शाम बरसात के नाम

लेखिका : कामिनी सक्सेना हम लोग जहां रहते हैं वो एक…

मेरा गुप्त जीवन -38

उस रात मैं और कम्मो घोड़े बेच कर एक दूसरे की बाहों …

एक बेवा का शिकार-3

भाभी की चुदाई के चार रोज़ बाद एक रात ऐसा मौका भी आ…

शैलेश भैया का लण्ड

हैलो दोस्तो, मैं यह पहली कहानी लिख रहा हूँ। मैं 23…

मेरा गुप्त जीवन-36

चंचल दो रात हमारे साथ रही और फिर उसका पति लौट आया…

मेरी चालू बीवी-112

सम्पादक – इमरान मैं दूसरे कमरे में आ गया था मगर उन…

मेरी चालू बीवी-113

सम्पादक – इमरान रानी इतना अधिक मदहोश हो गई थी कि उ…

मेरा गुप्त जीवन-59

शाम को घर पहुंचा तो विनी बैठक में मिल गई और बोली-…

मेरा गुप्त जीवन -52

अगले दिन नैनीताल से चल कर हम शाम को लखनऊ पहुँच गए…

मेरा गुप्त जीवन -93

थोड़ी देर बाद मैडम मुझको और कम्मो को थैंक्स करके अपन…