बस में डबल वाली सीट

प्रेषक : रंजन हाय दोस्तों मेरा नाम आर्यन है। वैसे त…

बहुत जोर से करते हो

दोस्तो, आज मैं अपनी कहानी आप को पहली बार लिख रहा ह…

प्रचण्ड मुसण्ड लौड़ा-1

समस्त पाठकगण को मेरा नमस्कार। आज आपको मैं एक ट्रेवल …

मेरा गुप्त जीवन- 146

तकरीबन 10 मिन्ट की तीव्र धक्काशाही में रति का तीव्र स्…

मेरा गुप्त जीवन- 173

हम ये बातें कर ही रहे थे कि जसबीर हल्के से भिड़े दर…

मेरा गुप्त जीवन- 127

पेशाब करने वाली लड़कियों में मुझको ज़ूबी भी दिखाई द…

चूत से चुकाया कर्ज़-2

वो शाम 7 बजे वाली ट्रेन से ही निकलने वाले थे। मैं …

मेरा गुप्त जीवन- 158

ये बातें चल ही रही थी कि कमरे का दरवाज़ा फिर एक झट…

लण्ड का जादू चल गया

Lund ka Jadu Chal Gaya दोस्तो, मैं राजबीर पानीपत ह…

जब मस्ती चढ़ती है तो…-2

प्रेषिका : बरखा लेखक : राज कार्तिक उसके बाद मेरे पत…