Search Results for "एक-ही-घर-की-सब-मुस्लिम-औरतों-की-चुदाई"

यह मधुर कसक-1

गंगा मौसी मेरी मां की सबसे छोटी बहन हैं। यूँ तो व…

मेरी सुहागरात

प्रेषक : समय मिश्रा प्रिय दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी …

अपना सपना सच हुआ

मुझमें हमेशा से एक दिली इच्छा थी कि गाँव की खूब लं…

यह मधुर कसक-2

चम्पा को चोद लेने के बाद मेरे दिलो दिमाग पर अब गंग…

काशीरा-लैला -1

चचाजान का खत आया कि वो तीन चार दिन के लिये हमारे …

काशीरा-लैला -2

‘दुआ से काम नहीं चलेगा चचाजी। इमरान को माल चाहिये…

काशीरा-लैला -4

“वाह.. भतीजे के लाड़ दुलार चल रहे हैं, उसे मलाई खि…

काशीरा-लैला -5

चुम्मा तोड़ कर मैंने पूछा “कैसी लगी मेरी गांड चचाजी…

काशीरा-लैला -3

चाची ने मुझे सीने से लगा लिया और थपथपा कर छोटे बच्…

मेरी साली मीना

प्रेषक : समीर शेर मेरी और मेरी बीवी की उम्र में का…