Search Results for "एक-ही-घर-की-सब-मुस्लिम-औरतों-की-चुदाई"

अंगूर का दाना-1

प्रेम गुरु की कलम से एक गहरी खाई जब बनती है तो अपन…

वीर्यदान महादान-1

मित्रो, मैं अन्तर्वासना का पुराना पाठक व लेखक हूँ, च…

कुंवारी भोली–11

शगन कुमार मैंने चुपचाप अपने छेद को 3-4 बार ढीला क…

रेल गाड़ी में 69

नमस्कार…मैं एक बहुत ही हंसमुख स्वभाव का पढ़ा लिखा इन्…

वीर्यदान महादान-4

विक्की कुमार हम दोनों उठे, शावर लिया व कपड़े पहन कर…

पर पुरुष समर्पण-4

ठीक 6:30 पर मेन-गेट खुलने की आवाज आई, मैंने खिड़की…

प्यासी दुल्हन -2

दस दिन बाद मेरा बैंक का पेपर लखनऊ में था। मेरी को…

वीर्यदान महादान-6

विक्की कुमार जब मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो गया तो सोचा क…

अपना लंड बाड़ दो !

प्रेषक : वेणु दोस्तो, मेरी यह पहली और सच्ची कहानी है…

हरीयालो देवरियो

लेखिका : नेहा वर्मा मेरा देवर मुझसे कोई दस साल छोट…