Search Results for "मुठ-मारते-हुए-बहन-ने-पकड़ा"

पड़ोसन विधवा भाभी

प्रेषक : संजय शर्मा मैं संजय शर्मा फिर हाज़िर हूँ एक…

लण्ड की प्यासी-2

प्रेषक : सुनील कश्यप मैं कुछ देर तक उसके होंठों को …

तीन पत्ती गुलाब-20

आज पूरे दिन बार-बार गौरी का ही ख़याल आता रहा। एकबा…

जिस्म की जरूरत -27

मेरे मन में कई ख्याल उमड़े, फिर कुछ समझ आया कि वंदन…

तीन पत्ती गुलाब-19

“वो … चाय … ठंडी हो जायेगी?” गौरी ने अस्फुट से शब्द…

तीन पत्ती गुलाब-21

अगले दिन सुबह जब मधुर स्कूल चली गई तो गौरी नाज-ओ-अ…

चालू बीवी का रोल

हाय स्वीटहार्ट तुम जानते हो ना कि एक्टिंग करना हर मॉ…

तीन पत्ती गुलाब-23

मैंने अपनी जेब से वह सोने की अंगूठी निकाली और गौर…

तीन पत्ती गुलाब-22

जिन पाठकों को यह कहानी पसंद नहीं आ रही है, जो भद्द…

जिस्म की जरूरत-10

कैसे हैं मित्रो… देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ, वैसे …