मस्त है यह सानिया भी-7

प्रेषक : संजीव चौधरी करीब नौ बजे रागिनी चली गई। सा…

मस्त है यह सानिया भी-3

काल-गर्ल के बारे में सुन कर सानिया का चेहरा लाल हो…

स्वीटी जानू का मिलन-1

प्रेषक : अमन कपूर सारे लंड-धारकों को मुठी मारते हु…

ट्रेन का सफ़र

गुरु जी को प्रणाम …और सभी अन्तर्वासना के पाठकों को न…

मेरा जादू चल गया

लेखिका : लक्ष्मी कंवर मैं तीस वर्षीया शादीशुदा स्त्री …

वो पूस की एक रात-1

मेरा नाम माही है। मैं अन्तर्वासना का बहुत बड़ा प्रशंस…

शहर में आकर गाण्ड मराई

प्रेषक : प्रेम सिंह सिसोदिया मैं गांव छोड़ कर कॉलेज …

मैं लुच्ची होने लगी

मेरा नाम सोनिया जैन है, 26 साल की हूँ, मेरा एक भा…

जमशेदपुर की गर्मी-1

प्रेमशीर्ष द्वारा लिखित एवम् प्रेम गुरु द्वारा संशोधित …

मौसी हो तो ऐसी-1

प्रेषक : राज कार्तिक मैं राज एक बार फिर अपने जीवन क…