लूट का माल

फ़ुलवा हरजीत सिंह ज्यों ही कमरे में दाखिल हुआ, सन्तो…

चूत की आग के लिए मैं क्या करती-7

जब मैंने टाइम देखने के लिए फोन उठाया तो पता चला क…

चूत की आग के लिए मैं क्या करती-8

प्रेषिका : सुरभि तिवारी सुनील आ गया। मैंने उन दोनो…

उसका मेरा रिश्ता-2

प्रेषिका : निशा भागवत मैंने उसे अपने बिस्तर पर लेटा…

आरती की आरती

दोस्तो, मेरा नाम जीत है। बात उस समय की है जब मैं इ…

खूबसूरत खता-1

प्रेषिका : निशा “डार्लिंग ! आज तो बहुत सेक्सी दिख रह…

Gitu Ki Chudayi – Part II

Hi dosto..i m harsh ek baar phir aap logo k samne…

एक अनार दो बीमार-1

लेखिका : कामिनी सक्सेना दो तीन वर्ष गाँव में अध्यापन…

मेहनत का फ़ल

कैसे हो आप लोग… आशा है कि आपको मेरी भेजी हुई कहान…

चुत चुदाई की प्यास

अन्तर्वासना के सभी पढ़ने वालों को मेरा तहे दिल से नम…