चरित्र बदलाव-9

जैसे ही हम अलग आये तो सोनम ने मुझे एक लाल गुलाब प…

जीजा ने मेरा जिस्म जगाया-4

प्रेषिका : नीना अचानक उन्होंने अपने हाथ में लेकर मु…

फ़ुलवा

उसका पति धीरू दो बरस पहले शहर कमाने चला गया। गौने…

कोलकाता की शोभा

प्रेषक : हैरी बवेजा दोस्तो, आपने मेरी कहानियाँ तो प…

रेखा- अतुल का माल-1

आपने मेरी लिखी कहानी हमारी नौकरानी सरीना पढ़ी। उसी…

राजा का फ़रमान-2

पिछले भाग से आगे…. राजा ने फैसला सुनाया- आज से ले…

चरित्र बदलाव-7

रात को करीब 11 बजे दरवाजे की घण्टी बजी और जब मैंने…

दो नम्बर का बदमाश-3

दोस्तों अब दिल्ली लुटने को तैयार थी… मैंने उसका टॉप…

रुचि का शिकार-2

रुचि सीधे होकर मुझसे चिपक गई और बोली- सच राजीव, इ…

जब मस्ती चढ़ती है तो…-2

प्रेषिका : बरखा लेखक : राज कार्तिक उसके बाद मेरे पत…