बरसों की तपस्या का फल
प्रेषक :फ़ारस वैद्य हाय ! मैं नागपुर से ३८ साल का सु…
गुरूजी का आश्रम-2
अब गुरूजी ने अपने लंड को मेरी योनि-द्वार पर रख दिय…
भूतों का डेरा या चूतों का?
मुझे जॉन ने अपने गांव में छुट्टी मनाने के लिये बुल…
दिल्ली काल बॉय की चुदाई-४
दोस्तो ! मैं लक्ष्य ! एक कालबोय दिल्ली से ! आपने मेरे…
पहली प्यास अपने ही घर में
प्यारे पाठको, मेरा नाम रोमिल है। मैंने अन्तर्वासना क…
मैं और मेरी बुआ-2
इस भाग में आप पढ़ें कि कैसे मैंने अपनी सगी बुआ को …
बल्लू की बहन
प्रेषक : टोक्सी हाय पाठको ! आपका शुक्रिया कि मैं अपन…
चढ़ी जवानी बुढ्ढे नू
मेरा नाम राजेश है। मैं इन्दौर में रहता हूँ। मेरी उ…
जंगल में गांड मंगल
इलाहबाद के होटल में एक ही रात में तीन बार मेरी गा…
सहेली की समस्या
यह पत्र रूपा वर्मा ने कामिनी सक्सेना को लिखा दोनों क…