चाची चार सौ बीस-2

‘यशोदा … सो गई क्या?’ ‘उंह्ह … चाची, क्या है? ओह, खा…

Dosto Ne Uski Behan Ko Choda – Part I

hiiii dosto mera name vikas hai mai delhi se hu m…

पंछी दाना चुग गया

आपने मेरी पिछली कहानी मामा के साथ वो पल कुछ समय प…

कॉल सेंटर की एक रात

इस कहानी के पात्र व घटनाएँ काल्पनिक हैं। निखिल ने अ…

तू नहीं और सही-2

प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा उसकी गीली झांटों से मेरे …

उसने रोक दिया

हरजिन्दर बरार दोस्तो, मैं जानता हूँ कि आप सभी लोग …

बुआ संग रासलीला

मेरा नाम साहिल है, आज मैं हिम्मत करके आपको अपनी एक…

कैसी मेरी दीवानगी

मैं हूँ चंदना, अन्तर्वासना की बहुत बड़ी बड़ी बड़ी प्रशं…

ये दिल … एक पंछी-2

प्रेषिका : निशा भागवत “ओह्ह्ह ! मैं तो गई…” “प्लीज नि…

उत्तरायण का मजा

मैं हूँ आप सब का दोस्त राहुल आपके सामने मैं अपनी प…