चूत एक पहेली -84

अब तक आपने पढ़ा.. कोमल की चूत ने रस का फव्वारा छोड़ …

तीसरी कसम-9

प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना मैं जैसे ही बेड पर बैठा …

कैमरे से कमरे तक

प्रेषक : राज कुमार मेरा नाम राज है, दिल्ली का रहने …

चूत एक पहेली -85

अब तक आपने पढ़ा.. मुनिया- आह्ह.. फाड़ दो.. चोदो आह्ह.…

मेरा गुप्त जीवन- 164

मैं सिर्फ मुस्करा भर दिया और हल्के से अपनी बाईं आँख …

तेरी याद साथ है-22

मैं जानता हूँ कि आप सब बड़ी बेसबरी से ‘तेरी याद सा…

तीसरी कसम-5

प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना ‘बस सर, अब वो वो… जल थेर…

गर्म तवे पर रोटी सेंकी

प्रेषक : रणजीत चौहाण यह कहानी एक गांव की है, जिस ग…

Hawas – Part II (Gujarati)

Hu to a sambhdine dang thai gyo…Ubho chiro….Wah…S…

तीसरी कसम-8

प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना रेशम की तरह कोमल और मक्खन…