कमाल की हसीना हूँ मैं-36
“यहाँ कोई नहीं आयेगा और किसे परवाह है? देखा नहीं …
नया मेहमान-4
बाथरूम में रेखा दरवाजे की तरफ मुँह करके पटरी पर ज…
कमाल की हसीना हूँ मैं-37
वो मुझे सहारा दे कर बार के करीब ले गया और दो ड्रिं…
आह से आहा तक
प्रेषिका : आरती लो मैं भी आ गई अपनी कहानी लेकर, पत…
कमाल की हसीना हूँ मैं-41
जब भी दर्दनाक लहर मेरे जिस्म में फूटती तो साथ ही मस्…
नया मेहमान-5
‘भाभी, एक आखिरी बात कहना चाहता हूँ, उम्मीद है कि आ…
चुद गई ठंडक में
मेरी कहानियों को पढ़ कर एक मोहतरमा ने मुझसे कहा- म…
कमाल की हसीना हूँ मैं-42
मेरी वासना और जोर से भड़क उठी। मैंने बहुत ही मस्त ह…
कमाल की हसीना हूँ मैं-43
उसका लौड़ा तो इतना लंबा-चौड़ा था ही बल्कि वो खुद भी …
मौसी की चूत में गोता -3
अब तक आपने पढ़ा था कि मौसी के सोते समय मैंने जो कि…