तीन पत्ती गुलाब-13

मेरे प्यारे पाठको और पाठिकाओ! एक शेर मुलाहिजा फरमा…

जिस्मानी रिश्तों की चाह -37

सम्पादक जूजा अब तक आपने पढ़ा.. आपी मेरे लबों को चूस…

वो सात दिन कैसे बीते-7

‘मज़ा आ गया।’ थोड़ी देर बाद उसने करवट ली और मेरी आँ…

डॉक्टर साहब की गांड मराने की तमन्ना

“उई … बहुत मोटा है..!” “क्या लग रही है? निकाल लूं?…

विधवा आंटी की हवस

हैलो दोस्तो, मेरा नाम गौरव है। मैं लाल कोठी.. जयपु…

गुरु घंटाल चेला पहलवान

दोस्तो, मेरा नाम कृति वर्मा है, शादी शुदा हूँ। इससे…

जिस्मानी रिश्तों की चाह -41

सम्पादक जूजा मैंने अपनी गली पर अपने लण्ड का जूस उठा…

Meri Maa Di Tight Fuddi

Punjabi special – Lambe lambe sah le riha si main…

नजर का धोखा और मौसी की चूत- 2

आपने इस सेक्स कहानी के पहले भाग नजर का धोखा और मौस…

वो सात दिन कैसे बीते-3

मैंने उसके घुटने मोड़ कर दोनों जांघों को फैलाया कि…