लण्ड न माने रीत -11

अब तक आपने पढ़ा.. उसने थोड़ा गुस्से से मेरी तरफ देखा…

तीन पत्ती गुलाब-20

आज पूरे दिन बार-बार गौरी का ही ख़याल आता रहा। एकबा…

अदल बदल कर मस्ती-2

राहुल ने दो दिन बाद ही सबको बता दिया कि उसने जयपु…

भाभी की चूत चुदाई उनके मायके में -1

दोस्तो, एक बार फिर आप सबके सामने आपका प्यारा शरद एक…

मेरा गुप्त जीवन -99

कम्मो ने दोनों के हाथ उनकी चूतों से अलग किये और उन…

चूत एक पहेली -26

अब तक आपने पढ़ा.. अनुराधा- ओह्ह.. अब परेशान मत हो आ…

मैं भी जिगोलो बन गया

मैं अंतर्वासना का नियमित पाठक हूं और लगभग सभी कहान…

मेरी सहेली और मैं अमेरिका जाकर चुदी-1

दोस्तो, मैं आपकी दोस्त सुनीता, और आज काफी दिन बाद म…

तीन पत्ती गुलाब-19

“वो … चाय … ठंडी हो जायेगी?” गौरी ने अस्फुट से शब्द…

तीन पत्ती गुलाब-21

अगले दिन सुबह जब मधुर स्कूल चली गई तो गौरी नाज-ओ-अ…