जिस्मानी रिश्तों की चाह -35

सम्पादक जूजा मैंने आपी को आँख मारते हुए बाथरूम की …

बस दो ही कमियाँ हैं

मैं अन्तर्वासना का नियमिक पाठक हूँ। मैं आप सब को अप…

ये दिल … एक पंछी-2

प्रेषिका : निशा भागवत “ओह्ह्ह ! मैं तो गई…” “प्लीज नि…

मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-21

सलोनी फिर रंगरलियां मना रही है? मैंने अन्दर देखा क…

प्यासी दुल्हन -4

हमने एक दूसरे को बाँहों में भरकर 10-12 प्यार भरी प…

शीशे का ताजमहल-2

कहानी का पहला भाग : शीशे का ताजमहल-1 शबनम ने दीव…

तू नहीं और सही-2

प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा उसकी गीली झांटों से मेरे …

मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-19

अब तक आपने पढ़ा… मैंने शॉर्ट्स में हाथ डाल कर सलोनी …

नेता की बीवी की चुदाई-1

किस्मत कभी-कभी आपको किसी पराये के इतना करीब ला देग…

मैं रंजना राण्ड नए नए लंडों की दीवानी

नमस्कार दोस्तो, आपकी रंजना फिर से अपनी नई चुदाई लेक…