जिस्मानी रिश्तों की चाह-57

सम्पादक जूजा आपी बोलीं- बस भाई, अब तुम जाओ.. मैं र…

कुछ इस तरह दिलाई मेरे मोबाइल ने चूत-2

अब तक आपने जाना कि मैं बेसब्री से सुबह का इंतज़ार क…

महकती कविता-1

रोहण अपने तबादले पर कानपुर आ गया था। उसे जल्द ही ए…

तन का सुख-1

लेखक : राज कार्तिक यह कहानी मैं आप सब दोस्तों की मा…

अल्हड़ पंजाबन लड़की संग पहला सम्भोग-1

अन्तर्वासना के सभी नर और नारियों को राहुल श्रीवास्तव …

भाभी की चचेरी बहन ग्रुप सेक्स में-4

रात का खाना हम सबने नीचे ही खाया और उसके बाद हम त…

मासूम यौवना-5

जिसने कभी किसी पर-पुरुष को देखा नहीं, उसने 2010 ज…

जिस्मानी रिश्तों की चाह-52

सम्पादक जूजा आपी रात को करीब तीन बजे मेरे कमरे में…

पलक और अंकित के बाद

लेखक : सन्दीप शर्मा दोस्तो, उम्मीद है आप सभी मजे में …

जिस्मानी रिश्तों की चाह -58

सम्पादक जूजा मैं आपी की बात सुन कर उनकी चूत के दान…