यह कैसा संगम-4

नेहा वर्मा राधा तो मस्ती से चुदे जा रही थी। एक लय म…

जीजा ने मेरा जिस्म जगाया-4

प्रेषिका : नीना अचानक उन्होंने अपने हाथ में लेकर मु…

मेरे दफ़्तर की लड़की

दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है अन्तर्वासना पर, मेरा न…

रात के सफ़र में मिले लौड़े

लेखक : सनी सभी पाठकों को भी मेरी तरफ से बहुत बहुत…

पिया गया परदेस -2

जसप्रीत ने कहा- ठीक है, तो अब यहीं रुकेगा ना? मैंन…

मेरा गुप्त जीवन- 185

कम्मो बोली- नहीं किरण दीदी, छोटे मालिक के खड़े लन्ड …

गुलदस्ता

फ़ुलवा बाथरूम से निकलते हुए कुसुम की नजर जब रीतेश …

यह कैसा संगम-3

नेहा वर्मा राधा और प्रिया के मन की मुराद पूरी हो रह…

फ़ुलवा

उसका पति धीरू दो बरस पहले शहर कमाने चला गया। गौने…

पहला प्यार, पहला चुम्बन, पहला सम्भोग

बात तब की है जब मैं इंजिनियरिंग कर रहा था। मैंने …