तेरी याद साथ है-26

तभी मुझे याद आया कि अभी अभी आंटी ने कहा था कि माम…

शर्मीला की ननद-1

अपनी पिछली कहानी शेर का पुनः शिकार में मैंने आपक…

तेरी याद साथ है-22

मैं जानता हूँ कि आप सब बड़ी बेसबरी से ‘तेरी याद सा…

इंटर कॉलेज कम्पीटीशन-1

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! मेरा नाम…

फेसबुक सखी-3

स्नेहा रीमा से बात करने लगी। स्नेहा अपने बिस्तर पर ल…

पड़ोसन की प्यास

लेखक : अखिलेश कुमार मैं अखिलेश कुमार, दिल्ली का नि…

फेसबुक सखी-2

स्नेहा रीमा से बात करने लगी। रीमा उसे कुछ बोली, बद…

तीसरी कसम-5

प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना ‘बस सर, अब वो वो… जल थेर…

तीसरी कसम-8

प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना रेशम की तरह कोमल और मक्खन…

तीसरी कसम-3

प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना ‘पलक…’ ‘हुं…’ ‘पर तुम्हें…