सलमा और इरफ़ान के चुटकुले-1

सलमा इरफ़ान का औजार देखकर बोली: मेरे लाल! मेरा सोन…

मेरे सपनों की सौगात

अजय हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम अजय है। मैं अपनी ज़िन्दगी…

दोस्त की गोद भर दी

सूरज मेरा नाम सूरज (बदला हुआ) है, मैं रोज अपने मो…

कमाल की हसीना हूँ मैं -8

मेरे जिस्म पर कपड़ों का होना और ना होना बराबर था। स…

नवाजिश-ए-हुस्न-4

लेखक : अलवी साहब सीढ़ियाँ उतरते मुड़ के वापस उसके प…

कमाल की हसीना हूँ मैं -9

शुरू-शुरू में तो मुझे बहुत शर्म आती थी। लेकिन धीरे…

लंड कैसे खड़ा हो गया

एक बार संता की आँखों में कुछ तकलीफ़ हो गई तो उसकी …

पर-पुरुष सम्मोहन

मेरे मित्र ने जितना मुझे समझाया था, वो मैंने सफ़लता…

जन्म दिन का तोहफ़ा-2

दोस्तो, इस कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं …

सन्ता जी के करतब

एक बार सन्ता जी का सर फट गया। डॉक्टर इरफ़ान- ये कैसे…