अंजू और माया की फुद्दी-1
प्रेषक : आशीष आनन्द भैया कलकत्ता में जॉब करते थे। घर…
सलमा के चुटकुले
एक बस में सभी सीटों पे मर्द बैठे हुए थे। एक लड़की स…
सपनों की काम-क्रीड़ा
प्रेषक : जयेश नमस्कार मित्रों ! मैं आपका जयेश फ़िर से…
कुड़ी पंजाबन सुनन्दा चुद गई
प्रेषक : आशु मैं अन्तरर्वासना की कहानियों का नियमित …
हाय दैया, इत्ता बड़ा !
आपने मेरी कहानियों को इतने चाव से पढ़ा और सराहा और…
प्यार की एक कहानी
प्रेषिका : गौरी हैलो दोस्तो, मैं गौरी आपके सामने अप…
Yeh Ansoo Anmol Hain Mere Yaara
Dosto namastee. Aap sb ne meri story padhi. Mera …
चुद गई अन्तर्वासना की दीवानी-1
एक बार फिर मैं अपने जीवन की एक और सत्य घटना लेकर आ…
कमाल की हसीना हूँ मैं-26
मेरा सिर नशे में बुरी तरह झूम रहा था और दिमाग पर …
कमाल की हसीना हूँ मैं-43
उसका लौड़ा तो इतना लंबा-चौड़ा था ही बल्कि वो खुद भी …