बड़े कातिल हो देवर जी
मैं अंशुल 21 साल का हूँ, मेरठ में रहता हूँ। मैं अ…
हुस्ना के बदन का आशिक़-1
प्रेषक : आशिक असलम मेरा नाम आशिक असलम है, मैं आपको…
चलती बस में समलिंगी अनुभव
उस समय मेरी भी उम्र 25 रही होगी। मेरी शादी भी नहीं…
कमाल की हसीना हूँ मैं-24
मैं उसके लंड की टिप को अपनी चूत की दोनों फाँकों क…
कमाल की हसीना हूँ मैं-16
“शहनाज़ ! बहुत टाईट है तुम्हारी…” कहते हुए फिरोज़ भा…
कमाल की हसीना हूँ मैं-32
“आज मैं आपके बेटे की बीवी हूँ।” “लेकिन पहले तू मे…
कमाल की हसीना हूँ मैं-34
“मम्मऽऽऽ… शहनाज़… मीऽऽऽऽ… ऊँमऽऽऽऽ… तुम बहुत सैक्सी ह…
नवाजिश-ए-हुस्न-3
लेखक : अलवी साहब पूरी बस खाली थी, हम दोनों अन्दर अ…
कमाल की हसीना हूँ मैं-31
कुछ देर बाद हम वहीं आराम करके अपने कपड़े पहन कर बा…
कमाल की हसीना हूँ मैं-23
मैं उत्तेजना में अपनी दोनों जाँघों को एक दूसरे से …