ट्रेन में मस्ती बहुत की
प्रेषक – गणेश नमस्कार दोस्तों मैं गणेश, पुणे में रहत…
तरक्की का सफ़र-17
मेरे घर में एक पार्टी थी। मैंने एक खेल रखा था और स…
तरक्की का सफ़र-11
राज अग्रवाल एक दिन ऑफिस में शाम को जब काम खतम हो ग…
मजा और सजा
लेखक : जो हन्टर सहयोगी : कामिनी सक्सेना यह कहानी ती…
मजा या सजा
लेखिका : कामिनी सक्सेना सहयोगी : जो हन्टर मैं उस सम…
काम-देवियों की चूत चुदाई-9
मंजू- रोनी, मैं तो तुम्हें बहुत ही भला इन्सान समझती…
काम-देवियों की चूत चुदाई-4
दूसरे दिन ऑफिस की छुट्टी के कारण लीना को तो आना नह…
सिनेमा में जाकर बात बनी
प्रणाम मेरे आशिक़ो, नये साल की शुरुआत पर मुझे मोटे …
काम-देवियों की चूत चुदाई-5
अब तक मैंने उसका साड़ी का पल्लू गिराकर उसके स्तनों प…
मानव की गुरु दक्षिणा
एक बार फिर मैं अपनी एक और नई कहानी लेकर आपसे रूबर…