पुसी की किस्सी
प्रेषक : जवाहर जैन अन्तर्वासना पर सभी को मेरा नमस्कार…
कुंवारी भोली–11
शगन कुमार मैंने चुपचाप अपने छेद को 3-4 बार ढीला क…
पेरिस में कामशास्त्र की क्लास-4
प्रेषक : विक्की कुमार पांच मिनट सुस्ता कर कर घड़ी देख…
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-9
नेहा बोली अब तुम्हारे लिए बदनामी में भी नाम ही है …
औरत की चाहत-3
कहानी के पिछले भाग: औरत की चाहत-1 औरत की चाहत-2 इ…
मेरा गुप्त जीवन- 173
हम ये बातें कर ही रहे थे कि जसबीर हल्के से भिड़े दर…
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-5
नीता बोली- आप तो मुझे बाद में चोदोगे, मैं तो रास्त…
रिया की तड़प-1
सभी पाठक पाठिकाओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार ! आपके …
रंगीली बहनों की चूत चुदाई का मज़ा -7
अब तक आपने पढ़ा.. मैंने उसके निप्पल को पकड़ कर ब्रा स…
कुंवारी भोली–5
शगन कुमार शायद उसे इसी की प्रतीक्षा थी… उसने धीरे ध…