गोरे उसके मम्मे, चूत उसकी लाल थी

राहुल हैलो दोस्तो, मैं इस साईट का रेगुलर पाठक हूँ।…

एक भाई की वासना -48

सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. वो थोड़ा …

मेघा आंटी की चूत तो चुदी ही नहीं थी-2

आंटी भी खड़ी-खड़ी भीग चुकी थीं, बहुत सेक्सी लग रही थ…

कमल खिल गई

मुझे सेक्स का कोई अनुभव नहीं था, मेरा जीवन तो जैसे…

आज दिल खोल कर चुदूँगी -5

उसने अपना लन्ड मेरे मुँह में से निकाला और बोला- बो…

जिस्म की जरूरत-8

‘उफ्फ… बड़े वो हैं आप!’ रेणुका ने लजाते हुए कहा और …

गाँव की प्यासी आंटी

अन्तर्वासना को मेरा बहुत नमस्कार मैं अन्तर्वासना का नि…

रिचमॉन्ड से सीएटल का सफ़र

लेखिका : सुचित्रा अनुवादिका, सम्पादिका एवं प्रेषिका:…

पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -9

पापा मम्मी के चूचियों से चिपक गए। अब मेरा ध्यान पाप…

मेघा आंटी की चूत तो चुदी ही नहीं थी-3

मैंने भी कहा- आई लव यू टू.. आंटी जी। मेघा हँस पड़ी…