पलक की चाहत-6
हम दोनों घाट से उठे, मैंने अपनी चप्पल हाथों में ही…
दो जवान बहनें पिंकी और रिंकी-5
प्रेषक : राजवीर सूरज उठा और कपड़े पहने और चला गया। …
मंजरी भाभी
प्रेषक : अर्जुन चौधरी दोस्तो, मैं पिछले एक महीने से …
पलक की चाहत-5
वो कहते कहते रुक गई … “मैंने पूछा और क्या …?” तो ब…
पलक की चाहत-3
पर पलक ने ड्राईवर के लिए सीधे मना कर दिया और बोली,…
मेरा फ़र्ज़, उसका फ़र्ज़
बेंगलौर स्थित महात्मा गांधी रोड हर किसी की जुबां पर…
जिस्म की मांग-1
प्रणाम पाठको, उम्मीद है सब कुशल मंगल से होंगे, सबका…
फ़ुलवा
उसका पति धीरू दो बरस पहले शहर कमाने चला गया। गौने…
यह कैसा संगम-2
नेहा वर्मा प्रिया ने अपने दोनों टांगें अपनी छाती से…
रात के सफ़र में मिले लौड़े
लेखक : सनी सभी पाठकों को भी मेरी तरफ से बहुत बहुत…