महकती कविता-2
महकती कविता-1 अब तो कविता का भी यह रोज का काम हो…
तन का सुख-2
लेखक : राज कार्तिक तभी कमल ने सुधा को जाने को कहा …
पड़ोसन आंटी ने मेरा कुंवारापन दूर किया
दोस्तो, अन्तर्वासना पर मेरी यह पहली कहानी है.. उम्मीद…
कुछ इस तरह दिलाई मेरे मोबाइल ने चूत-1
दोस्तो.. मुझे तो आप सब पहले से ही जानते हो, मेरा न…
Meri Pyaasi Badi Nisha Didi
Hello dosto main Amrik aaj aap ke liye ek bahot h…
मासूम यौवना-4
मासूम यौवना-3 से आगे : रात के ग्यारह बज गए थे, जीज…
स्वयंवर का सच-1
लेखक : प्रेम गुरु और अरमान मैं जानता था कि यह राखी…
चूत रेशू के चोदू चाचा -2
मैंने सोचा अगर चाचा जी का वीर्य इतना मस्त है तो चाच…
जिस्मानी रिश्तों की चाह-57
सम्पादक जूजा आपी बोलीं- बस भाई, अब तुम जाओ.. मैं र…
कुछ इस तरह दिलाई मेरे मोबाइल ने चूत-2
अब तक आपने जाना कि मैं बेसब्री से सुबह का इंतज़ार क…