मॉस्को की याद में
प्रेषक : रोबिन चन्द्र अन्तर्वासना के सभी चाहने वालों क…
लण्ड की प्यासी ऋतु
नमस्कार दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक ह…
पंख निकल आये-1
पाठको, आपके साथ-साथ मैं भी अन्तर्वासना की कहानियों …
भाभी की लम्बी-लम्बी झांट
नमस्कार दोस्तो, इसके पहले की कहानी को आप लोगों ने ब…
मेरी स्नेहा चाची
मेरा नाम तनवीर है, मैं जयपुर में रहता हूँ। मैंने …
हसीना की चूत में पसीना
मेरा नाम आर्यन है, मैं मोरादाबाद में रहता हूँ। मेर…
प्यासी मकान मालकिन
यह बात सन 2008 की है, जब मैं गाँधीनगर में नौकरी क…
फिर दूसरी से कर लेना-6
इस प्रकार दो दिन मस्ती से गुजार कर घर लौट आया ! घर …
अब मैं तुम्हारी हो गई-2
अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा प्रणाम ! आज मैं अपनी प…
लुटने को बेताब जवानी-2
कहानी का पिछले भाग लुटने को बेताब जवानी-1 से आगे:…