पाँच सौ का नोट

सभी पाठकों को मेरा नमस्कार, पाठिकाओं को मेरे खड़े ल…

पड़ोसन आंटी ने मेरा कुंवारापन दूर किया

दोस्तो, अन्तर्वासना पर मेरी यह पहली कहानी है.. उम्मीद…

मासूम यौवना-2

मैंने दसवीं की परीक्षा दी और गर्मियों की छुट्टियों म…

बारिश की एक रात-2

कहानी का पिछ्ला भाग: बारिश की एक रात-1 मैं अपनी त…

मुझे जीना सिखा दिया-2

मेरे अन्‍दर भी खून का दौरा तेज हो गया, हम दोनों तो…

मेघा की तड़प-3

अदिति अपनी सफ़ल हुई योजना से खुश थी। जो वो मेघा को…

कुछ इस तरह दिलाई मेरे मोबाइल ने चूत-1

दोस्तो.. मुझे तो आप सब पहले से ही जानते हो, मेरा न…

मेरी कामाग्नि : अपने बेटे के लिए-2

दोस्तो, अन्तर्वासना पर आपका फिर से स्वागत है। पिछले भ…

मासूम यौवना-7

होटल से खाना खाकर हम वापिस अपने कमरे में आ गए। मै…

एक से भले दो !

दोस्तो, मैं श्रेया आहूजा एक बार फिर आपके सामने पेश …