तीन पत्ती गुलाब-18
आइए अब योनि दर्शन और चूषण सोपान शुरू करते हैं… लोग…
तीन पत्ती गुलाब-16
प्रिय पाठको और पाठिकाओ! आइए अब लिंग दर्शन और चूसन क…
भाई के लण्ड से चुद कर जीने की आजादी पाई-3
अब तक आपने पढ़ा.. मुझे मेरा भाई फट्टू किस्म का लग रह…
पेड सेक्स में दिया परम आनन्द
लखनऊ की एक भाभी ने मुझे पेड सेक्स के लिए बुलाया. उ…
उत्तेजना की चाहत बन गयी शामत-2
दोस्तो, जैसा कि आपने कहानी के पिछले भाग उत्तेजना की…
चाची का नंगा बदन और मेरी वासना
हैलो फ्रेंड्स, मैं हरियाणा के करनाल से जुड़ा हुआ हूँ…
मेरी कामवासना और दीदी का प्यार-2
मेरी ये बात सुनकर उन्होंने कहा- नहीं, ये तो गलत बा…
जिस्मानी रिश्तों की चाह -5
यह कहते हुए मैं बाथरूम गया और वहाँ से हेयर आयल की…
तीन पत्ती गुलाब-12
“जिन खूबसूरत लड़कियों की ठोड़ी या होंठों के ऊपर तिल…
तीन पत्ती गुलाब-15
रात्रि भोजन (डिनर) निपटाने के बाद मधुर ने मेरी ओर …