दोस्त की गोद भर दी
सूरज मेरा नाम सूरज (बदला हुआ) है, मैं रोज अपने मो…
सहेली के भाई के साथ पहली चुदाई -1
सभी पाठकों को मेरा प्रणाम! मेरा वर्ण गोरा, कद 5 फ़ुट…
चूत एक पहेली -67
अब तक आपने पढ़ा.. फिर क्या था सन्नी आग-बबूला होकर दू…
कहीं ले चलो-3
मैं राज ! याद आया दोस्तो, मैं आपका शुक्रगुजार हूँ अ…
मेरे सपनों की सौगात
अजय हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम अजय है। मैं अपनी ज़िन्दगी…
वासना की न खत्म होती आग -2
उन्होंने कहा- ‘जब से तुम्हारी फोटो देखी है, तब मैं …
नवाजिश-ए-हुस्न-4
लेखक : अलवी साहब सीढ़ियाँ उतरते मुड़ के वापस उसके प…
कुँवारी पिंकी की सील तोड़ चुदाई -7
फिर हम दोनों बाथरूम में चले गए और फिर मैंने फव्वार…
कुंवारी सपना का चुदाई का सपना -1
आदरणीय सभी पाठक और पाठिकाओं को सादर प्रणाम स्वीकार …
मेरा गुप्त जीवन- 140
कम्मो कुछ देर सोचते हुए बोली- छोटे मालिक रति को भी…