मस्त पिछाड़ी चुद गई

लेखक : विजय पंडित मेरा नाम जय कुमार, उम्र बीस वर्ष …

लिंगेश्वर की काल भैरवी-4

(एक रहस्य प्रेम-कथा) मंदिर आ गया था। बाहर लम्बा चौड़ा…

मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-6

यह देखकर मैं तो क्या, पप्पू भी हैरान हो गया… कि सलो…

तीन सहेलियाँ

फ़ुलवा “और बता क्या हाल है?” “अपना तो कमरा है, हाल …

डॉक्टर संग सेक्स भरी मस्ती

कैसे हो दोस्तो…मैं शालिनी जयपुर वाली…याद तो हूँ ना…

यह कैसा मोड़-2

प्रेषक : विजय पण्डित “यह तो गार्डन है… किसी ने देख ल…

मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-4

वहाँ दो लड़के थे, कमसिन ही थे… निक्कर और टीशर्ट में……

मेहनत का फ़ल

कैसे हो आप लोग… आशा है कि आपको मेरी भेजी हुई कहान…

जोधपुर की यात्रा-2

जोधपुर की यात्रा-1 तो अनवर ने मुझसे कहा- वो तो ठी…

सोने के कंगन

दोस्तो, मेरा नाम निहारिका है, यह मेरी पहली कहानी ह…