तेरी याद साथ है-27
ईश्वर ने चुदाई की तड़प हम मर्दों से कहीं ज्यादा औरतों…
शर्मीला की ननद-3
कहानी का पहला भाग : शर्मीला की ननद-1 कहानी का दूसर…
तेरी याद साथ है-23
“प्लीज मुझे जाने दो और तुम भी जल्दी से तैयार होकर ऊ…
मेरा गुप्त जीवन- 154
फिर कम्मो रति को दीवार कूद कर उस के घर तक छोड़ आई औ…
Hawas – Part II (Gujarati)
Hu to a sambhdine dang thai gyo…Ubho chiro….Wah…S…
फेसबुक सखी-3
स्नेहा रीमा से बात करने लगी। स्नेहा अपने बिस्तर पर ल…
मेरा गुप्त जीवन- 155
मैंने धीरे धीरे लंड को नैंसी की चूत के अंदर बाहर …
तीसरी कसम-7
प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना “जिज्जू ! एक बात सच बोलूँ…
मेरा गुप्त जीवन- 156
तभी हल्की आवाज़ के साथ कमरे का दरवाज़ा खुल गया और एक…
तेरी याद साथ है-26
तभी मुझे याद आया कि अभी अभी आंटी ने कहा था कि माम…