कुछ इस तरह दिलाई मेरे मोबाइल ने चूत-2
अब तक आपने जाना कि मैं बेसब्री से सुबह का इंतज़ार क…
जिस्मानी रिश्तों की चाह-57
सम्पादक जूजा आपी बोलीं- बस भाई, अब तुम जाओ.. मैं र…
मेरी कामाग्नि : अपने बेटे के लिए-2
दोस्तो, अन्तर्वासना पर आपका फिर से स्वागत है। पिछले भ…
कुछ इस तरह दिलाई मेरे मोबाइल ने चूत-1
दोस्तो.. मुझे तो आप सब पहले से ही जानते हो, मेरा न…
पड़ोसन आंटी ने मेरा कुंवारापन दूर किया
दोस्तो, अन्तर्वासना पर मेरी यह पहली कहानी है.. उम्मीद…
जिस्मानी रिश्तों की चाह -55
सम्पादक जूजा आपी ने अपने सर पर और बदन के गिर्द चादर…
भाभी संग मेरी अन्तर्वासना-2
अब तक आपने पढ़ा था कि भाभी मुझे छेड़ने लगी थीं और म…
जुलाई 2016 की लोकप्रिय कहानियाँ
प्रिय अन्तर्वासना पाठको जुलाई महीने में प्रकाशित कहान…
मेरे घर आई एक कमसिन परी
मुझे हमेशा से वो लड़कियाँ बहुत आकर्षित करती हैं.. ज…
दोस्त को जन्मदिन का तोहफ़ा-1
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार। …