मेरा भतीजा

प्रेषिका : तमन्ना कुरैशी मेरा नाम शांति (बदला हुआ) …

लूट का माल

फ़ुलवा हरजीत सिंह ज्यों ही कमरे में दाखिल हुआ, सन्तो…

कॉलेज की साथी

प्रेषक : नवजोत सिंह दोस्तो, मैं भी अन्तर्वासना के लाख…

मुझसे दोस्ती करोगे-1

शमीम बानो कुरेशी मैं सुहाना से मिलकर बाहर निकली ह…

मेरी दीदी लैला -1

नमस्ते दोस्तो, मैं रजत हूँ, मेरी उमर 18 साल है, पँज…

चूत की आग के लिए मैं क्या करती-4

थोड़ी देर में विनोद आ गया! मैंने उसको आते ही चूमा …

चूत की आग के लिए मैं क्या करती-6

घंटी बजी, दरवाजा खोला तो दूध वाला था। दूध लिया, ब…

मेरे अंकल

आप सबने मेरी कहानी मेरे साथ पहली बार पढ़ी है उसके …

आरती की आरती

दोस्तो, मेरा नाम जीत है। बात उस समय की है जब मैं इ…

सोने के कंगन

दोस्तो, मेरा नाम निहारिका है, यह मेरी पहली कहानी ह…