चाची चार सौ बीस-2
‘यशोदा … सो गई क्या?’ ‘उंह्ह … चाची, क्या है? ओह, खा…
चाची चार सौ बीस-3
अंकल मुझे अपने नीचे दबा कर जोर जोर से चोद रहे थे …
चाची चार सौ बीस-1
मैं उन दिनों अपनी चाची प्रियंका के यहाँ रतलाम में …
कॉल सेंटर की एक रात
इस कहानी के पात्र व घटनाएँ काल्पनिक हैं। निखिल ने अ…
योनि की आत्मकथा
लेखक : शगन कुमार मैं प्रगति की योनि हूँ ! प्रगति एक…
मेरी गली का सलीम-2
लेखिका : शमीम बानो कुरेशी वो बोला- कल घर के सब लो…
कॉलेज टूर
प्रेषक : आदित्य चांद सभी अन्तर्वासना के पाठकों को मेर…
दिल की कशिश-2
कहानी का पहला भाग: दिल की कशिश-1 मेरे लेटते ही र…
दिल की कशिश-1
मुझे चार दिन से वायरल बुखार चल रहा था। मेरे पति र…
गर्मी का इलाज
मैं शालिनी राठौर… याद तो हूँ ना आपको… आपकी मदमस्त …