चलती बस में सेक्स भरी मस्ती
बात उन दिनों की है जब मैं हॉस्टल में रहती थी। मेरी…
हुस्ना के बदन का आशिक़-2
प्रेषक : आशिक असलम मैंने उन्हें कहा- मैं आपको चाहने…
नहर के किनारे चूत मिली
हाय फ्रेंड्स, मैं मनीष.. मैं पहली बार कहानी लिख रहा…
लाजो का उद्धार-2
रेशमा ठठाकर हँस पड़ी- पतिव्रता!’ और चुटकी ली- और तु…
लाजो का उद्धार-3
एक एक हुक खुलता हुआ ऐसे अलग हो जाता था जैसे बछड़ा …
एक तरफ़ा प्यार में चुद गई
मेरा नाम पूर्वा जैन है.. मैं म.प्र. की रहने वाली हू…
नया मेहमान-1
तमाम पाठकों को रोनी सलूजा का प्यार भरा नमस्कार ! मे…
गेटपास का रहस्य-3
दीप के जाने के बाद मैंने किताब को एक तरफ रखी और म…
कमाल की हसीना हूँ मैं-26
मेरा सिर नशे में बुरी तरह झूम रहा था और दिमाग पर …
गेटपास का रहस्य-5
मुझे मयूरी से मिले हुए दो दिन हो गए थे हमें ऐसा क…