कामवासना पीड़िता के जीवन में बहार-1

एक औरत कामवासना के वशीभूत हो क्या क्या कर गुजरती है…

लंड के मजे के लिये बस का सफर-6

पल्लवी की चुदाई के बाद भूख लगने लगी थी इसलिये मैंन…

दगड़ी हम दोस्तों ने बहुत रगड़ी

दोस्तो, यह कहानी बहुत पुरानी है, तब की है जब मैं औ…

विधवा नौकरानी संग चूत-चुदाई का खेल

दोस्तो, आज मैं आप लोगों को ये बताऊँगा कि कैसे मैंन…

पति से गांड चुदवाकर मदमस्त हो गयी

कहानी पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा नमस्कार. मैं प्र…

साले की बीवी की गांड में रंग

दोपहर का वक्त था, मैं अपने काम से एक जगह गया था। व…

ठण्ड का मौसम और दोस्त की सुन्दर बहन

मेरा नाम अमित है.. मैं 23 साल का लड़का हूँ और रायप…

सिनेमा हाल में मिली औरत को चोदा

मेरा नाम समर है, मैं पटना का रहने वाला हूँ. मेरी …

जिस्मानी रिश्तों की चाह -18

सम्पादक जूजा अब तक आपने पढ़ा.. मेरी निगाह को अपनी ज…

रात को आ जाना.. बहुत कुछ दूँगी

दोस्तो, मेरा नाम वीरेन्द्र है.. बीकानेर का रहने वाला…