पहले ही दिन यह सब

Pahle hi Din Yah Sab सभी पाठकों को मेरा प्रणाम। मे…

सलहज इतनी हसीं कि दिल मचल गया-3

मैं- शेविंग का सामान दो मुझे.. भाभी- क्यों? मैं- म…

चूचियाँ कलमी आम-3

अब मुझे भी अहसास हो गया था कि अब यह चुदने को पूरी…

विधवा की चुदाई की प्यास

मेरी तरफ से अन्तर्वासना के सभी पाठकों को नमस्कार। मे…

आज दिल खोल कर चुदूँगी -7

तभी सुनील बोले- चलो स्टॉप आ गया.. बस रुकी, मैं और …

मेरी चालू बीवी-117

सम्पादक – इमरान रानी भी बहुत गर्म हो गई थी, सही माय…

रेशमा की रात

प्रशांत एक फ्रस्टरेटेड मिडल क्लास व्यक्ति था जिसकी सेक्स…

मेरी चालू बीवी-115

सम्पादक – इमरान मैं बहुत तेजी से धक्के लगा रहा था, …

अन्तहीन कसक-2

Antheen Kasak-2 मैं घर चला आया लेकिन मेरा मन बिल्क…

घर के लौड़े-1

हाय दोस्तो, आपकी दोस्त पिंकी दोबारा आप लोगों के मनो…