मेरा गुप्त जीवन- 148
सलोनी और रूही के जाते ही टेलीफ़ोन की घंटी बज पड़ी, …
साक्षी संग रंगरेलियाँ-5
अभी तक : वेटर काफी लेकर आया। इसे पीते तक हम लोग य…
भईया भाभी का साथ -1
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! आप सबने …
वाइफ़ स्वैपिंग की चाहत में दो दीवाने- 3
हैलो दोस्तो, इस पहले इसी कहानी के दो भागों को पाठक…
अपने लुल्ले को बाहर निकाल
प्रेषक : राजवीर अरोड़ा मैं राजवीर राजस्थान से ! मैं …
निगोड़ी जवानी-2
मैंने कई बार डॉक्टर को लुभाने किसी न किसी बहाने से…
चूत की खिलाड़िन-7
ससुरे की तारीफ़ थी, 50 का हो रहा था लेकिन इतनी गरम…
बीवी की चूत और दोस्त का लण्ड -3
अब तक आपने पढ़ा.. मैंने सिमरन से पूछा- सिमरन जी.. …
Pados Ki Ek Anjaan Pari
Hello dosto, main apka dost Vivek apke liye fir s…
पहले प्लेटफ़ार्म पर फिर ट्रेन में टी.सी.
प्रणाम दोस्तो, एक बार फिर से आपका गांडू सनी आपके लि…