मेरा गुप्त जीवन- 164
मैं सिर्फ मुस्करा भर दिया और हल्के से अपनी बाईं आँख …
जेम्स की कल्पना -5
अब मन में वह दुविधा भी नहीं बची थी, कि यह क्यों हो…
चूत एक पहेली -81
अब तक आपने पढ़ा.. सन्नी- आओ आओ.. मेरे दोस्तो.. आज तो…
एक परी से मुलाकात और प्यार
नमस्कार दोस्तो, मैं सचिन शर्मा.. आप सब कैसे हैं.. मि…
मामा की बेटी रेखा की चूत बनी भोसड़ा
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। मेरा नाम …
कॉलेज की हंसमुख और सुन्दर सहपाठिनी संग प्रेम प्रसंग
कॉलेज की हंसमुख और सुन्दर सहपाठिनी मित्र के साथ उसक…
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -3
उस रात घर जाने से पहले मैं फ़ैसला कर चुका था कि मु…
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -2
‘क्या आप इस संडे को मिल सकते हैं?’ उसने एक पल भी ग…
चूत एक पहेली -78
अब तक आपने पढ़ा.. पुनीत- इस साले दो कौड़ी के कुत्ते …
अनजान लण्ड से चूत चुदाई के मज़े
दोस्तो, कैसे हो आप सब.. आशा करता हूँ.. सब चूत और ल…