बैंड बजा डाला

प्रेषक : मस्त कलन्दर दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है अन्…

ममेरी बहन के संग

प्रेषक : शिमत सबसे पहले तो मैं गुरूजी को धन्यवाद कह…

रास्ते में मिली एक हसीना-2

लेखक : जय कुमार मैं कहने लगा- वन्दना, मुझे बहुत भ…

रास्ते में मिली एक हसीना-1

लेखक : जय कुमार मैं जय कुमार कालबाय हूँ और एक बा…

चाँदनी को कली से फूल बनाया

वो मेरे पड़ोस में रहने वाली 18 साल की लड़की है जो क…

तुझे मज़ा आयेगा-2

प्रेषक : अनिल इससे पहले कि मैं आगे की कहानी बताऊँ,…

गाँव जाकर नौकर से प्यास बुझवाई-2

लेखिका : आंचल जैसे कि मैंने पहले भाग में बताया था…

जा क्यों नहीं रहा है?

दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का पुराना पाठक हूँ। मैंने अन्…

यूँ ही अचानक

लेखक : आरव रावत मैंने कई कहानियाँ अन्तर्वासना में …

उफनते जजबात

प्रेषक : क्षितिज़ मेरा नाम क्षितिज है और यह मेरी पहल…